आवरण कथा

सर्वे भवन्तु सुखीन: मानव अधिकार

‘ एक वाक्य में कहें तो मानवाधिकार प्रत्येक व्यक्ति का नैसर्गिक या प्राकृतिक अधिकार है। इसके दायरे में जीवन, स्वतंत्रता, बराबरी और सम्मान का अधिकार आता है। इसके अतिरिक्त गरिमामय जीवन जीने का अधिकार, राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकार भी इसमें सम्मिलित हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए मानवाधिकार संबंधी घोषणा-पत्र में भी कहा गया था कि मानव के मूलभूत अधिकार किसी भी जाति, धर्म, लिंग, समुदाय, भाषा, समाज आदि से अलग होते हैं। रही बात मौलिक अधिकारों की तो ये देश के संविधान में उल्लिखित अधिकार हैं। ये अधिकार देश के नागरिकों को और किन्हीं परिस्थितियों में देश में निवास कर रहे सभी लोगों को प्राप्त होते हैं। यहाँ पर एक बात और स्पष्ट कर देना उचित है कि मौलिक अधिकार के कुछ तत्त्व मानवाधिकार के अंतर्गत भी आते हैं जैसेजीव न और वैयक्तिक स्वतंत्रता का अधिकार। ’’

सर्वे भवन्तु सुखीन: मानव अधिकार

मानवाधिकार का सम्बन्ध समस्त मानव जाति से है। जितना प्राचीन मानव है, उतने ही पुरातन उसके अधिकार भी हैं। इन अधिकारों की चर्चा भी प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप में प्रारम्भ से ही होती आई है, भले ही वर्तमान रूप में मानवाधिकारों की स्वीकृति उतनी प्राचीन न हो किन्तु साहित्य तथा समाज में मनुष्यों के सदा से ही कुछ सर्वमान्य तथा कुछ सीमित स्थितियों में मान्य अधिकार रहे हैं। मानवाधिकारों की आधुनिक व्याख्या के संदर्भ में प्राचीन साहित्य में वर्णित मानवाधिकारों का अध्ययन आज के समय में निश्चय ही प्रासंगिक व समीचीन है। यही कारण है कि इस विषय को शोध हेतु चुनना उपयुक्त प्रतीत हुआ।।
भारतीय परिप्रेक्ष्य में प्राचीन संस्कृत साहित्य में 'सर्वेभवन्तुसुखिन:' का उल्लेख मानव अधिकारों की पुष्टि करता है किन्तु संस्कृत साहित्य में इस विषय के अध्ययन की दिशा में अभी अधिक प्रयास नहीं किये गए। विषय की महत्ता तथा प्रासंगिकता को देखते हुए तथा यह जानते हुए कि संस्कृत साहित्य मानवाधिकारों का उद्घोष करने में अग्रणी है, इस विषय पर शोध कार्य करने की आवश्यकता है। संस्कृत का साहित्य अत्यन्त विशाल है। एक सामान्यजन के लिए सीमित समयावधि में उस विशाल साहित्य का अवलोकन करना असम्भव है अत: शोध हेतु संस्कृत की तीन प्रतिष्ठित रचनाओं के समूह 'बृहत्त्रयी' है। 'बृहत्त्रयी' में संस्कृत-साहित्य की परम्परा के अनुसार अनेक स्थानों पर मानवाधिकारों का स्पष्ट वर्णन दिखाई देता है।


  Subscribe Now