अनुक्रमणिका

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महर्षि सिद्ध निर्माण योजना


महर्षि सिद्ध निर्माण योजना

गुरूदेव (स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती श्री महाराज, तत्कालीन शंकराचार्य, ज्योतिष्पीठ, बद्रिकाश्रम , हिलामयल) की कृपा से ज्ञानयुग का समागम, ज्ञानयुग के तृतीय वर्ष (1977) का आरंभ हुआ है। सब लोगों के लिये समस्त मानव जाति के लिये परम सौभाग्य का समय है। ज्ञानयुग का आधार है विशद्धु ज्ञान। विशुद्ध ज्ञान का क्षेत्र है शुद्ध चेतना । विशद्धु ज्ञान का स्वरूप है वेद। त्रिकालबाधित नित्य अपौरूषेय सनातन वदे शुद्ध ज्ञान का स्वरूप है और वेदवति प्रतिभा , वेदवान प्रज्ञा , वेदवान चेतना, ज्ञानयुग के मनुष्य की चेतना है। जब हम इस ज्ञान के तृतीय वर्ष का आव्हान करते हैं ।...

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डॉ जॉन हेग्लिन के भाषण का अनुवाद


डॉ जॉन हेग्लिन के भाषण का अनुवाद

महर्षि जी कहते थे 'कतुर्भ अकतुर्भ अन्यथा कतुर्म समर्थ' वो शक्ति अपनी है। तो अगर हम जो सूक्ष्म कण है। जिनके आधार पर सृष्टि बनी है। उनको लें तो वो कभी एक इलेक्ट्रान है अगर हमको यह लगे कि इलेक्ट्रान की बजाय प्रोटोन दूसरे प्रकार में परिवर्तन कर सकते है। अगर हमारे हाथ में इलेक्ट्रान है अगर हमको ये लगे कि इलेक्ट्रान की बजाय प्रोटोन दूसरे प्रकार का अच्छा लगेगा ...


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वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित?


वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वैक्सीन को लेकर किसी-भी प्रकार के भ्रम और भ्रांति में नहीं आए। वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित है। 'कोविशील्ड एवं को-वैक्सीन' दोनों प्रकार की वैक्सीन में कोई अंतर नहीं है। वैक्सीन को सभी विशेषज्ञों ने सुरक्षित बताया है।...

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मन के जीते जीत


मन के जीते जीत

जब हमारी कोई कामना या आकांक्षा पूर्ण नहीं होती तो हमारा मन नकारात्मकता के कारण निराशावादी बन जाता है किंतु जब मन सकारात्मक होता है तब वह हर परिस्थिति में आशावादी रहता है। ऐसा व्यक्ति ही दु:ख में मुस्कुरा सकता है।

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व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति और जन-जागरूकता


व्हाट्सएप की नई गोपनीयता नीति और जन-जागरूकता

जन सामान्य के लिये गोपनीयता नीतियों को समझने की जटिलता के कारण भारत में व्हाट्सएप के अधिकांश उपभोक्ताओं पर इस परिवर्तन का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और इस बात की संभावना अधिक है कि वे बगैर किसी प्रश्न के व्हाट्सएप का प्रयोग जारी रखेंगे। ऐसे में सरकार और नागरिक समाज द्वारा डिजिटल गोपनीयता के महत्त्व से जनता को अवगत कराने के लिये जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाना चाहिये।...

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